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 चिकित्सा विज्ञान में हुई हाल की तरक्कियों के कारण हर्निया के इलाज में अब तेज रिकवरी, पुनरावृत्ति की संभावना का खतरा नहीं, कम दर्द और बेहतर जीवन गुणवत्ता जैसी विशेषताएं जुड़ गई हैं।  बहुत आसानी से इसके लक्षण महसूस होने और डायग्नोस हो जाने के बावजूद उभार वाली जगह पर दर्द इतना तेज और गंभीर होता है कि इसका तत्काल इलाज कराने की जरूरत पड़ जाती है।
मैक्स हेल्थकेयर में लेपरोस्कोपिक, एंडोस्कोपिक और बैरियाट्रिक सर्जरी के चेयरमैन डॉ. प्रदीप चौबे ने कहा कि मोटापा, गर्भावस्था, भारी वजन उठाना, पुरानी कफ की समस्या, कब्ज और पेशाब करने में दिक्कत के कारण आंत पेट की दीवार की तरफ बढ़ सकती है और आंत का एक हिस्सा विकसित होकर गांठ में बदल जाता है। यही गांठ हर्निया कहलाती है।
हर्निया पेट की दीवार में आई एक तरह की गड़बड़ी है जिसमें पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं जिस कारण गांठ या छेद हो जाता है। हर्निया पुरुष, महिला और बच्चों में से किसी को हो सकता है। कुछ हर्निया जन्मजात होते हैं।उन्होंने कहा कि इसका दर्द बहुत तेज और अचानक भी हो सकता है या हल्का दर्द शुरू होने के साथ दिन का अंत आते—आते बढ़ता जाता है।
हर्निया के सूजन वाले स्थान पर गंभीर और निरंतर दर्द, लाली और नरमी जैसे लक्षण बताते हैं कि आंत उलझ या दब गई है। ये लक्षण चिंता के कारण होते हैं और किसी फिजिशियन या सर्जन से तत्काल इलाज करा लेना ही अच्छा होता है।’

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