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अगर आपके घर के दीवारों में भी सीलन रहती है तो इसे बहुत ही गंभीरता से लेने की ज़रूरत है। सीलन की वजह से आप अनेक तरह के रोगों को न्योता दे रहे हैं।

घर में हो रहे सीलन से श्वास सम्बंधी गम्भीर रोग हो सकते हैं इसलिए अपने घर में पानी के रिसाव और उससे होने वाली सीलन को रोकने के लिए उचित उपाय करना अत्यावश्यक है। घर नया हो या पुराना, उसे सीलन से बचाना जरूरी है और इसके लिए वाटरप्रूफिंग कराना अनिवार्य होता है।

  1.  जमीन के नीचे – सतह का पानी समय की अवधि में बढ़ता जाता है और आपके घर में प्रवेश कर सकता है, दीवारों को नुकसान पहुंचाता है।
  2. आंतरिक गीले क्षेत्र – ये क्षेत्र 365दिनों तक यानी लगातार पानी के संपर्क में आते हैं, आंतरिक दीवारों पर पेंट खराब हो जाता है और पपड़ी देने लगता है।
  3. छत – तापमान में होने वाले परिवर्तन के साथ ही छत की सतह में भी बदलाव होता है, आपकी सुंदर छत पर पानी का रिसाव होने लगता है और इससे पूरे घर में नमी आती है।
  4. कंक्रीट वाटर टैंक – दरारों के गठन के कारण ये पानी के टैंक सतह के माध्यम से रिसाव का कारण बनते हैं। इसलिए इस क्षेत्र की सही ढंग से वाटरप्रूफिंग करना महत्वपूर्ण है।
  5. बाहरी दीवारें – तापमान में परिवर्तन के कारण बाहरी दीवारों में दरारें पैदा होने लगती है, जिससे नमी आने लगती है और इसलिए आपके घर का लुक भी बिगड़ने लगता है।

By admin