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पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। देश को बड़े संकट से बचाने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने ‘आपात आर्थिक योजना’ लागू की है।

इतना ही नहीं बल्कि व्यापारी समुदाय ने सरकार से महंगे सामानों के आयात पर तत्काल रोक लगाने का आग्रह किया है। एंप्लॉयर्स फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान के अध्यक्ष इस्माइल सुतार ने कहा कि पाकिस्तान आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है।

पीएम शहबाज शरीफ ने ट्वीट कर कहा कि सरकार के इस निर्णय से बेशकीमती विदेशी मुद्रा बचाई जा सकेगी। हम कठोरता बरतेंगे। आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को इसमें अगुआई करना चाहिए ताकि देश के वंचितों लोगों को पूर्ववर्ती पीटीआई सरकार द्वारा उन पर डाला गया यह बोझ न उठाना पड़े।

पाकिस्तान को निश्चित रूप से गैर-जरूरी आयात पर रोक लगाने की जरूरत है।  यह कुछ हद तक मदद करेगा, लेकिन यह शुरूआती बिंदु होना चाहिए।विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ता व्यापार घाटा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ख़तरनाक संकेत है क्योंकि यह घाटा चालू खातों के घाटे को बढ़ा कर विनिमय दर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिसका डॉलर के मुक़ाबले रुपये की क़ीमत पर सीधे तौर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

जुलाई-मार्च 2021-22 के दौरान, पूरी तरह से नॉक डाउन (सीकेडी) मोटर वाहन आयात 1.3 अरब डॉलर था, जबकि पूरी तरह से निर्मित इकाई (सीबीयू) आयात 24 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया।

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