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चार से 20 फरवरी के बीच बीजिंग में आयोजित होने वाले शीतकालीन ओलंपिक का भारत ने बहिष्कार कर दिया है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों के बाद भारत ने बीजिंग ओलंपिक के बहिष्कार का समर्थन किया है।

चीन की चाइना कम्यूनिस्ट पार्टी ने मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हुए हांग कांग, तिब्बत और अपनी उइगर आबादी की शोषण किया है। साथ ही शीतकालीन ओलंपिक के जरिए चीन अपनी छवि सुधारना चाह रहा है।

अमेरिका के द्वारा शुरू की गई इस मुहिम में भारत के शामिल होने के बाद अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के चेयरमैन ने भारत की सराहना की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा “मैं बीजिंग ओलंपिक के राजनयिक बहिष्कार में शामिल होने के लिए भारत की सराहना करता हूं। हम उन सभी देशों के साथ खड़े हैं जो सीसीपी के जघन्य मानवाधिकारों के हनन और ओलंपिक 2022 को राजनीतिक जीत में बदलने के प्रयास को खारिज करते हैं।”

चीन अपनी उइगर आबादी के साथ कठोर व्यवहार, हांगकांग में बढ़ती अधीनता, तिब्बत के दमन, दक्षिण चीन सागर में अवैध क्षेत्रीय दावों और ताइवान के खिलाफ जबरदस्ती के मामले पर दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया का सामना कर रहा है।

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