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इस साल बजट में सरकार आम और खास को बड़ी राहत दे सकती है।इसमें कोरोना संकट में बीमा के महत्व को देखते हुए इसपर छूट बढ़ाने पर भी विचार हो सकता है।

 

आयकर के दायरे को बढ़ाने और कर स्लैब में परिवर्तन की मांग के अलावा कानूनी विवाद कम करने और नई फर्मों को कर के दायरे में लाने पर भी विचार हो रहा है।

सूत्रों का कहना है कि कारोबार सुगमता को बढ़ाने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों को और स्पष्ट किए जाने की उम्मीद इस बजट में की जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी 2022 को बजट पेश करेंगी। कोरोना महामारी के चलते पिछले दो साल में अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव रहा है।

सरकार कर अनुपालन बोझ कम करके कारोबार सुगमता बढ़ाना चाहती है। इससे लंबी अवधि में टैक्स के रूप में ज्यादा राजस्व मिलने का राह बनेगी क्योंकि कारोबार सुगमता बढ़ने और कर अनुपालन कम होने से अधिक से अधिक लोग कारोबार में आएंगे।

पहला मकान खरीदने की स्थिति में सरकार 1.50 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट अभी दे रही है।जानकारों का कहना है कि उपभोक्ता और उद्योग की चुनौतियों को देखते हुए सरकार 1.50 लाख रुपये की राहत को एक साल और बढ़ा सकती है।

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